ओवरटाइम कैलकुलेटर क्या है?

ओवरटाइम कैलकुलेटर आपकी प्रति घंटा दर, नियमित कार्य घंटों और ओवरटाइम गुणक के आधार पर आपकी ओवरटाइम कमाई की गणना करता है। यह स्टैंडर्ड 1.5x और डबल-टाइम रेट, कस्टम गुणक और साप्ताहिक सारांश को सपोर्ट करता है ताकि आप जान सकें कि आपकी तनख्वाह में क्या शामिल होना चाहिए।

कैलकुलेटर भारत के Factories Act और कई राज्यों के Shops Act में लिखे दोगुने (2x) ओवरटाइम रेट, साथ ही कस्टम मल्टिप्लायर्स (1.5x वगैरह) को सम्भालता है। अपनी प्रति घंटा मज़दूरी, हफ़्ते के तय घंटे और असली काम के घंटे डालिए। बेसिक पे और ओवरटाइम का बँटवारा तुरंत दिखता है, जिससे सैलरी स्लिप जाँचना या नई जॉब ऑफ़र की तुलना करना आसान है।

उपयोग कैसे करें

  1. अपनी नियमित प्रति घंटा मजदूरी और प्रति सप्ताह मानक कार्य घंटे (आमतौर पर 40) दर्ज करें।
  2. इस अवधि में आपने कुल कितने घंटे काम किया वह डालें, और टूल ओवरटाइम घंटों की गणना कर देगा।
  3. ज़रूरत हो तो ओवरटाइम गुणक (1.5x, 2x, या कस्टम) बदलें और अपनी कुल कमाई का विवरण देखें।

कब उपयोग करें

  • इस महीने की सैलरी स्लिप और टाइमशीट के घंटे मिलते हैं या नहीं, यह जाँचने के लिए।
  • अलग बेसिक और ओवरटाइम नियमों वाली दो जॉब ऑफ़र की तुलना के लिए।
  • वीकेंड शिफ़्ट हाँ करने से पहले अंदाज़ा लगाने के लिए कि कितनी कमाई बढ़ेगी।

परिणाम

आपकी प्रति घंटा दर ₹25 है और मानक सप्ताह 40 घंटे का है। आपने 52 घंटे काम किया, तो 12 घंटे 1.5x ($37.50/घंटा) पर ओवरटाइम हैं। नियमित वेतन: $1,000, ओवरटाइम वेतन: $450, कुल: $1,450।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में ओवरटाइम का क़ानूनी रेट क्या है?
Factories Act, 1948 के मुताबिक हफ़्ते में 48 घंटे या दिन में 9 घंटे से ज़्यादा काम पर सामान्य दर का दोगुना (2x) देना है। दुकानों के लिए हर राज्य का Shops & Establishments Act थोड़ा अलग होता है, पर ज़्यादातर में दोगुना ही रहता है।
नतीजा टैक्स से पहले है या बाद का?
टैक्स से पहले का, यानी ग्रॉस। आपके खाते में आने वाली रक़म TDS, PF और प्रोफ़ेशनल टैक्स कटने के बाद कम हो जाएगी। सैलरी स्लिप पर «Net Pay» वही है जो आपको मिलता है, और वह आम तौर पर ग्रॉस से 10–25% कम होता है।
मेरा वेतन मासिक है, घंटे की दर कैसे निकालूँ?
Factories Act 48-घंटे हफ़्ते के लिए मासिक मूल वेतन को 208 से बाँटिए (हफ़्ते 48 घंटे × ~4.33 हफ़्ते)। उदाहरण: ₹50,000 ÷ 208 ≈ ₹240 प्रति घंटा। यही नंबर hourly rate के खाने में डालिए।
साप्ताहिक अवकाश पर काम करूँ तो कैसे भरूँ?
अधिकांश राज्यों में यह दोगुना दर के अंदर ही आता है, यानी मल्टिप्लायर 2 रखें। पर कुछ राज्य या कंपनियाँ अतिरिक्त भत्ता देती हैं — अपने नियमावली देखें और ज़रूरत हो तो कस्टम मल्टिप्लायर डाल दीजिए।
मैनेजर बोलते हैं मुझे ओवरटाइम नहीं मिलेगा, क्या यह सही है?
Factories Act उन कर्मचारियों पर लागू होता है जिनकी मासिक तनख़्वाह तय सीमा तक है और जो प्रबंधकीय/पर्यवेक्षीय भूमिका में नहीं हैं। प्रबंधक और बहुत वरिष्ठ पद वाले अक्सर बाहर रहते हैं। अपनी पद-स्थिति देखिए और संदेह हो तो labour office से पूछिए।

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